धर्म

कैंची धाम में क्यों बड़ी जेन जी की आस्था ?

कैची धाम नैनीताल की ख्याति पूरी दुनिया में फैली है। यही कारण है कि इस धाम में हर दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। हनुमान भक्त नीब करौरी महाराज के दर पर मत्था टेकने वालों में सबसे अधिक युवा यानी जेन-जी हैं। जिनकी उम्र 15 से 30 वर्ष की है।

श्रद्धालुओं में सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली व बिहार से हैं। विदेश में भी बाबा के प्रति आस्था है। नेपाल से लेकर नीदरलैंड से भी अनुयायी बाबा के दर्शन को आते हैं। खास बात यह है कि 95 प्रतिशत श्रद्धालु आध्यात्मिक उद्देश्य के लिए ही बाबा के दर पर आते हैं।

पर्यटन विभाग के सहयोग से अर्थ एवं संख्या विभाग ने अगस्त, सितंबर व अक्टूबर 2025 में धाम आए तीन हजार श्रद्धालुओं पर अध्ययन किया। इसमें पाया कि 73.40 प्रतिशत पर्यटक केवल कैंची धाम तक ही सीमित रहे हैं। जबकि शेष ने नैनीताल, भवाली, भीमताल, मुक्तेश्वर, अल्मोड़ा, कौसानी, जागेश्वर व रानीखेत जैसे अन्य पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।

64.77 प्रतिशत पर्यटक एक ही दिन में दर्शन कर लौट गए। केवल 22 प्रतिशत पर्यटक ही होटल या होमस्टे में रुके। इस सर्वे के अनुसार, 82.47 प्रतिशत श्रद्धालु उत्तराखंड के बाहर के राज्यों से व 17.33 प्रतिशत स्थानीय थे। सबसे अधिक 29.13 प्रतिशत श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से आए हैं। दिल्ली से 13.04 प्रतिशत व बिहार से 11.37 प्रतिशत हैं। विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या 0.20 प्रतिशत ही रही है। इसमें नेपाल और नीदरलैंड के लोग हैं।

सर्वे में यह भी देखा गया कि 74 प्रतिशत पर्यटक पार्किंग व्यवस्था से असंतुष्ट थे। 58 प्रतिशत ने शौचालय व स्वच्छता सुविधाओं पर नाराजगी जताई। 54 प्रतिशत कचरा प्रबंधन और 52 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराज दिखे। जबकि 24 प्रतिशत साफ-सफाई से संतुष्ट नहीं थे।

सर्वे में यह सामने आया कि 95.3 प्रतिशत श्रद्धालु केवल आध्यात्मिक उद्देश्य से ही कैंची धाम पहुंचे। इसमें से 40.6 प्रतिशत दूसरी बार दर्शन करने पहुंचे। 99 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने एक घंटे से कम समय में दर्शन किए। सबसे अधिक लोग पूर्वाह्न 11 बजे से शाम चार बजे तक पहुंचते हैं।

सर्वे रिपोर्ट की स्थिति

67.17 प्रतिशत पर्यटक: 15 से 30 वर्ष

26.03 प्रतिशत: 30 से 45 वर्ष

79 प्रतिशत पुरुष, 21 प्रतिशत महिलाएं

कैंची धाम को लेकर किए गए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर योजना बन रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। 400 वाहनों की पार्किंग जून से शुरू हो जाएगी।

-धीराज सिंह गर्ब्याल, पर्यटन सचिव

 

 

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