दिल्ली में तुर्कमान मस्जिद के पास से कब्जा हटाने की लड़ाई लड़ने वाले प्रीत सिरोही ने जानें क्या-क्या कहा
दिल्ली में तुर्कमान मस्जिद के पास से कब्जा हटाने की लड़ाई लड़ने वाले प्रीत सिरोही ने जानें क्या-क्या कहाप्रीत सिरोही ने कहा कि एमसीडी ने सर्वे किया और सर्वे की रिपोर्ट में जो हमने दावा किया कि वो सत्य पाया गया, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद हम दिल्ली हाईकोर्ट गए क्योंकि सरकारी जमीन पर कार्यक्रम के लिए लोगों से पैसे वसूले जा रहे थे.

दिल्ली में तुर्कमान मस्जिद के पास से कब्जा हटाने की लड़ाई लड़ने वाले प्रीत सिरोही ने जानें क्या-क्या कहा
प्रीत सिरोही ने कहा कि एमसीडी ने सर्वे किया और सर्वे की रिपोर्ट में जो हमने दावा किया कि वो सत्य पाया गया, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद हम दिल्ली हाईकोर्ट गए क्योंकि सरकारी जमीन पर कार्यक्रम के लिए लोगों से पैसे वसूले जा रहे थे.
इसके बाद प्रीत सिरोही ने बताया कि हमने जो डॉक्यूमेंट दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए वो सही पाए गए. उन सबूतों में इतनी जान थी कि चीफ जस्टिस ने 3 महीने में अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया. एमसीडी को डायरेक्शन दिया आप मस्जिद कमेटी को सुनेगी. इसके बाद MCD ने वक्फ बोर्ड और कमेटी को सुना और लिखित दस्तावेज एमसीडी अधिकारियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में पेश भी किए, लेकिन उन्होंने भ्रम फैलाया कि हमें सुना नहीं गया. उन्होंने कोर्ट में पिटिशन लगाई और अपोज करते रहे, लेकिन उनके पास कोई ऐसा कागज नहीं था कि जिससे ये बात साबित होती हो कि इसकी जमीन की ओनरशिप वक्फ या मस्जिद कमेटी के पास हो. इन्हें कोई स्टे नहीं मिला और फैसले के बाद एमसीडी ने अतिक्रमण पर कार्रवाई की. दिल्ली प्रशासन और एमसीडी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहुत अच्छा काम किया.
बता दें कि इस मामले पर सियासत भी तेज हो गई है. बीजेपी ने कहा है कि पुलिस पर पथराव दुर्भाग्यपूर्ण है और कार्रवाई रोकने वालों पर सख्त एक्शन होना चाहिए तो वहीं कांग्रेस ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर कमजोरों पर अत्याचार करके मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है.




